भारत के मिडिल-ऑर्डर बल्लेबाज श्रेयस अय्यर को कॉम्पिटिटिव क्रिकेट में वापसी करने की अनुमति मिल गई है। उन्हें हिमाचल प्रदेश के खिलाफ विजय हजारे ट्रॉफी में 6 जनवरी को मुंबई में खेलने की अनुमति मिल गई है।
श्रेयस अय्यर को कॉम्पिटिटिव क्रिकेट में वापसी करने की अनुमति मिली
बीसीसीआई प्रोटोकॉल के अनुसार, सफल 50 ओवर सेशन के बाद, यह मैच 2 जनवरी, 2026 को उनका दूसरा रिटर्न-टू-प्ले सिमुलेशन होगा। पूरी फिटनेस क्लीयरेंस तभी मिलेगी जब वह दोनों बिना किसी दिक्कत के पूरा कर लेंगे, जिससे वह नेशनल व्हाइट-बॉल टीम में जगह बनाने के दावेदार बन जाएंगे।
श्रेयस अय्यर की मुश्किल 25 अक्टूबर, 2025 को सिडनी में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरे वनडे के दौरान शुरू हुई, जहां फील्डिंग करते समय एक हादसे में उनकी पसलियों पर जोर से चोट लगी, जिससे स्प्लीन फट गया और अंदरूनी ब्लीडिंग होने लगी।
बीसीसीआई ने कहा कि उनकी हालत स्थिर है, लेकिन उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया, जिससे वह साउथ अफ्रीका वनडे और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी नहीं खेल पाए। वह 25 दिसंबर को बीसीसीआई के बेंगलुरु सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में रिहैब के अंतिम चरण में पहुंचे और आरटीपी ट्रायल से पहले चार हाई-इंटेंसिटी बैटिंग और फील्डिंग सेशन में अच्छा प्रदर्शन किया।
11 जनवरी को वडोदरा में न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज होगी, और उम्मीद है कि बीसीसीआई आज, 3 जनवरी को ही टीम का ऐलान करेगा। सेलेक्टर्स दुविधा में हैं: श्रेयस अय्यर के 6 जनवरी के परफॉर्मेंस पर नजर रखें या ऋतुराज गायकवाड़ जैसे मैच के लिए तैयार खिलाड़ियों को चुनें, जिन्होंने उनकी गैरमौजूदगी में साउथ अफ्रीका के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन किया था। विजय हजारे ट्रॉफी में सेंचुरी लगाने के बाद विराट कोहली और रोहित शर्मा की वापसी से मिडिल ऑर्डर में प्रतिस्पर्धा और बढ़ी है।
भारत की 2027 वनडे वर्ल्ड कप की तैयारी अय्यर की समय पर वापसी से मजबूत हुई है। विजय हजारे ट्रॉफी में उनका उत्कृष्ट प्रदर्शन टीम में उन्हें जल्दी शामिल कर सकता है, जो उनकी रिकवरी पर सेलेक्टर्स के भरोसे का संकेत देगा।
