टीम इंडिया के युवा बल्लेबाज साई सुदर्शन ने हाल ही में अपने टेस्ट करियर की शुरुआत में आई चुनौतियों और भारत के मुख्य कोच गौतम गंभीर से प्रेरणा मिलने के बारे में खुलकर बात की। यह बयान साई सुदर्शन ने बातचीत के दौरान दिया।
साई सुदर्शन ने अपने टेस्ट करियर की शुरुआत में आई चुनौतियों और गौतम गंभीर से प्रेरणा मिलने के बारे में खुलकर बात की
इंग्लैंड के खिलाफ अपनी डेब्यू सीरीज में साई सुदर्शन ने 140 रन बनाए, लेकिन उन पर लगातार अच्छा प्रदर्शन का दबाव बढ़ गया था। वेस्टइंडीज के खिलाफ अहमदाबाद टेस्ट में केवल 7 रन पर आउट होने के बाद उनका आत्मविश्वास थोड़ा हिल गया है।
लेकिन दिल्ली में खेले गए दूसरे टेस्ट से पहले गंभीर से हुई बातचीत ने उनकी पूरी दृष्टि बदल दी। साई सुदर्शन ने बताया कि गंभीर सर ने कहा कि आप खेलेंगे। उनकी दृढ़ता ने मुझे विश्वास और स्वतंत्रता दी। उन्होंने समझाया कि दबाव लेने की जरूरत नहीं, बस खेल का मजा लो और टीम के लिए लड़ो।
साई सुदर्शन का दृष्टिकोण गंभीर के भरोसे से बदल गया, अब टीम की जीत ही लक्ष्य है। दूसरे टेस्ट में उन्होंने 87 और 39 रन की शानदार पारियां खेली और भारत को सीरीज में 2-0 से जीत दिलाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
सुदर्शन ने कहा कि पहले मैं सिर्फ रन बनाने पर सोचता था, लेकिन गंभीर सर से बात करने के बाद मेरा फोकस सिर्फ टीम को जीत दिलाने पर चला गया। मुख्य कोच का आत्मविश्वास माहौल और आत्मविश्वास को बदलता है।
साथ ही उन्होंने कहा कि वे अब अपने आप पर दबाव नहीं डालना चाहते कि वे टीम में जगह बनाए रखें। हर मैच मेरे लिए एक नई चुनौती की तरह है। मेरा एकमात्र लक्ष्य है टीम में खेलकर जीत में योगदान देना।
सुदर्शन ने स्वीकार किया कि नंबर 3 पर बल्लेबाजी करना आसान नहीं होगा क्योंकि वे आमतौर पर तमिलनाडु के लिए ओपनर के रूप में खेलते आए हैं। इसके बावजूद, वे इस चुनौती से उत्साहित हैं।
उनका कहना था कि नंबर 3 पर खेलना भी ओपनिंग है। स्थिति ही अंतर है। टीम को चाहे जहां खेलना चाहिए। मैं राहुल भाई जैसे खिलाड़ियों से सीखने की कोशिश करता हूँ, जो हर स्थिति में अच्छी तरह काम करते हैं।
इस तरह, सुदर्शन ने अपना आत्मविश्वास वापस पाया और दिखाया कि सही मार्गदर्शन और भरोसा से कोई भी खिलाड़ी दबाव को ताकत में बदल सकता है।
