अब तक, भारतीय टीम का प्रदर्शन 2025 महिला वनडे वर्ल्ड कप में उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा है। भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर पर फैंस और क्रिकेट विश्लेषकों का गुस्सा इन विफलताओं के बाद फूट पड़ा है। टीम को लगातार दो हार मिली हैं, पहले दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ और फिर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ, इससे सेमीफाइनल में प्रवेश करना मुश्किल हो गया है। बहुत से लोगों ने सोशल मीडिया पर उन्हें कप्तानी से हटाने की मांग की है।
हरमनप्रीत कौर की बल्लेबाजी और कप्तानी लगातार फ्लॉप रही!
इस टूर्नामेंट में हरमनप्रीत कौर का खुद का प्रदर्शन भी निराशाजनक रहा है। अब तक चार पारियों में उन्होंने 21, 19, 9 और 22 रन ही बनाए हैं। वहीं, स्मृति मंधाना, जेमिमा रोड्रिग्स, हरलीन देओल, रिचा घोष और प्रतिका रावल जैसे बल्लेबाजों ने लगातार रन बनाए हैं। इन खिलाड़ियों ने ज्यादातर मैचों में 30 से अधिक रन जोड़े, लेकिन कप्तान हरमनप्रीत ने टीम को मजबूत नहीं बनाया।
नकारात्मक प्रदर्शन और गलत रणनीति के कारण प्रशंसकों ने सवाल उठाया है कि टीम में अच्छे खिलाड़ी होने के बावजूद हरमनप्रीत कौर को कप्तानी दी जा रही है। बहुत से प्रशंसकों ने सोशल मीडिया पर लिखा कि टीम को नए नेतृत्व की जरूरत है जो टीम में सकारात्मक ऊर्जा लाए।
When Harmanpreet Kaur is getting sacked by BCCI who is captaining team India for more than a decade, got unlimited power & equal pay as men cricketers but didn’t won shit for India in ICC tournaments??
All she does is shouting at her juniors, shows unnecessory attitude to her… pic.twitter.com/pgisqMQBko
— Rajiv (@Rajiv1841) October 12, 2025
कोच अमोल मजूमदार ने चिंता व्यक्त की
भारतीय महिला टीम के कोच अमोल मजूमदार ने भी टीम की कमजोरियों पर खुलकर बात की। उनका कहना था कि टीम प्रबंधन ने पिछले मैच के बाद बल्लेबाजी की रणनीति पर काफी समय बिताया था, खासकर डॉट बॉल प्रतिशत को लेकर।
उनका कहना है कि टीम ने पिछले डेढ़ साल में बेहतर क्रिकेट खेलने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं, लेकिन अभी भी सुधार की जरूरत है। डॉट बॉल प्रतिशत थोड़ा कम हुआ है, लेकिन हमें इस पर और ध्यान देना होगा, उन्होंने कहा।
भारत के लिए अब आगे का रास्ता बहुत मुश्किल हो गया है क्योंकि वह लगातार दो बार हार गया है। टीम को सेमीफाइनल में जगह बनाने के लिए अब शेष सभी मैच जीतने होंगे। टीम के पास अब गलती की कोई गुंजाइश नहीं बची है।
फैंस और विशेषज्ञों का कहना है कि हरमनप्रीत कौर को अपनी बल्लेबाजी और कप्तानी दोनों पर पुनर्विचार करना चाहिए, नहीं तो यह टूर्नामेंट भारत के लिए एक बड़ी निराशा साबित हो सकता है।
