अहमदाबाद में विजय हजारे ट्रॉफी के पहले दिन सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी चैंपियन झारखंड के खिलाफ कर्नाटक की ओर से देवदत्त पडिक्कल के शानदार शतक ने रिकॉर्ड रन चेज़ को संभव बनाया।
24 दिसंबर, बुधवार को नरेंद्र मोदी स्टेडियम बी ग्राउंड में इतिहास रचा गया, जब कर्नाटक ने झारखंड के खिलाफ 413 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा किया।
झारखंड की मजबूत बल्लेबाजी के सामने टॉस जीतकर पहले फील्डिंग करने का फैसला करने के बाद, विद्याधर पाटिल ने कर्नाटक को सकारात्मक शुरुआत दी और चौथे ओवर में उत्कर्ष सिंह को आउट कर दिया। शिखर मोहन और शुभ शर्मा रन गति बढ़ाने के लिए संघर्ष करते रहे, लेकिन विराट सिंह और कुमार कुशाग्र ने मिलकर झारखंड की तरफ से मैच पलट दिया।
दोनों ने ही शानदार अर्धशतक लगाए, लेकिन मैच के स्टार रहे ईशान किशन, जिन्होंने मात्र 39 गेंदों में 125 रन बनाए। झारखंड के कप्तान ने अपनी तूफानी पारी में सात चौके और 14 छक्के जड़े। झारखंड ने अंततः अपने 50 ओवरों में 412/9 रन बनाए।
कर्नाटक के कप्तान मयंक अग्रवाल ने देवदत्त पडिक्कल के साथ 12 ओवर के अंदर 114 रन की पार्टनरशिप की, लेकिन 34 गेंदों में 54 रन बनाकर आउट हो गए। करुण नायर, स्मरण रविचंद्रन और कृष्णन श्रीजीत अपनी अच्छी शुरुआत को बड़े स्कोर में नहीं बदल सके, लेकिन देवदत्त पडिक्कल का अच्छा साथ दिया।
देवदत्त पडिक्कल ने 118 गेंदों पर 10 चौके और सात छक्के लगाकर 147 रन बनाए
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के इस बैटर ने सिर्फ़ 118 गेंदों पर 10 चौके और सात छक्के लगाकर 147 रन बनाए। 41वें ओवर में उनके आउट होने के बाद, अभिनव मनोहर और ध्रुव प्रभाकर ने शानदार पारी खेलकर टीम को जीत दिलाई। कर्नाटक ने पांच विकेट और 15 गेंद बाकी रहते जीत हासिल कर ली।
यह लिस्ट ए इतिहास में दूसरा सबसे बड़ा सफल लक्ष्य पीछा साबित हुआ। सबसे बड़ा लक्ष्य अभी भी 2006 में जोहान्सबर्ग में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दक्षिण अफ्रीका का शानदार प्रयास है, जब उन्होंने 435 रनों के लक्ष्य का पीछा किया था।
लिस्ट ए क्रिकेट में सबसे बड़ा टारगेट हासिल करने वाली टीमें
435 रन साउथ अफ्रीका बनाम ऑस्ट्रेलिया, 2006 जोहानिसबर्ग
413 रन कर्नाटक बनाम झारखंड, 2025 अहमदाबाद
399 रन क्वींसलैंड बनाम तस्मानिया, 2014 नाॅर्थ सिडनी
392 रन कराची बनाम सियालकोट, 2004 सियालकोट
388 रन मिडलसेक्स बनाम डरहम, 2025 चेस्टर ले स्ट्रीट
