भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की वार्षिक आम बैठक में, पुरुष चयन समिति में महत्वपूर्ण बदलाव हुए हैं। आरपी सिंह और पूर्व भारतीय गेंदबाज प्रज्ञान ओझा को अब चयन समिति में शामिल किया गया है।
प्रज्ञान ओझा और आरपी सिंह नई चयन समिति में शामिल हुए
इन दोनों खिलाड़ियों के आगमन के बाद समिति से वरिष्ठ सदस्य सुब्रतो बनर्जी और एस. शरथ हटा दिए गए हैं। ताकि वे युवा खिलाड़ियों को आगे लाने में मदद कर सकें, शरथ को अब जूनियर चयन समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। पहले की तरह, अजीत अगरकर ही समिति का नेतृत्व करेंगे।
महिला चयन समिति भी बदल गई है। दिल्ली की पूर्व क्रिकेटर अमिता शर्मा को इसका अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि सुलेक्षना नाइक और शरवती नायडू को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है।
अब अगर नए सदस्यों की बात करें तो आर.पी. सिंह भारत के लिए 14 टेस्ट, 58 वनडे और 10 टी20 इंटरनेशनल मैच खेल चुके हैं और उन्होंने 124 अंतरराष्ट्रीय विकेट लिए हैं। 2009 में आईपीएल में डेक्कन चार्जर्स के लिए खेलते हुए उन्होंने 23 विकेट लिए और पर्पल कैप जीतकर अपनी टीम को खिताब दिलाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
भारत के लिए प्रज्ञान ओझा ने 24 टेस्ट, 18 वनडे और 6 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले हैं। उन्होंने 24 टेस्ट में 113 विकेट लिए और उनका सबसे यादगार प्रदर्शन सचिन तेंदुलकर के आखिरी टेस्ट में रहा, जहां उन्होंने 10 विकेट चटकाए। ओझा ने आईपीएल में भी लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है।
बैठक में एक और महत्वपूर्ण निर्णय भी लिया गया अब आईपीएल में कोई भी अंडर-16 खिलाड़ी तभी हिस्सा ले सकेगा, जब उसने अपने राज्य की रणजी ट्रॉफी टीम के लिए कम से कम एक मैच खेला हो।
इन परिवर्तनों से स्पष्ट है कि बीसीसीआई अब चयन प्रक्रिया को अधिक शक्तिशाली बनाना चाहता है। ओझा और सिंह जैसे अनुभवी खिलाड़ियों के आने से भारतीय टीम को बेहतर संतुलन और मजबूत नींव मिलेगी।
