29 दिसंबर को आईसीसी ने मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर 2025-26 एशेज के चौथे टेस्ट की पिच को ‘असंतोषजनक’ रेटिंग दी है। आईसीसी पिच और आउटफील्ड निगरानी प्रक्रिया के तहत मैदान को एक अंक का डिमेरिट पॉइंट भी दिया गया।
एमिरेट्स आईसीसी एलीट पैनल के मैच रेफरी जेफ क्रो ने अंतिम फैसला सुनाते हुए इसके पीछे का कारण बताया
आईसीसी के अनुसार, क्रो ने कहा, “एमसीजी की पिच गेंदबाजों के लिए बहुत अनुकूल थी। पहले दिन 20 विकेट गिरे, दूसरे दिन 16 विकेट गिरे और कोई भी बल्लेबाज अर्धशतक तक नहीं पहुंच पाया। गाइडलाइंस के अनुसार पिच ‘असंतोषजनक’ थी और इस मैदान को एक अंक का डिमेरिट पॉइंट मिलता है।”
जानकारी के लिए बता दें कि यह मैच मात्र 852 गेंदों में समाप्त हो गया, जिससे यह गेंदों के हिसाब से चौथा सबसे छोटा एशेज टेस्ट मैच बन गया। पर्थ में खेले गए सीरीज के पहले मैच में 847 गेंदें लगीं, जो एमसीजी के मुकाबले पांच कम थीं। पिच पर घास की परत बिछी होने के कारण गेंदबाजी के लिए अनुकूल पिच पर कोई भी बल्लेबाज क्रीज पर जम नहीं पाया।
ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड दोनों ने पहले दिन अपनी-अपनी पहली पारी पूरी की। मेहमान टीम पहले दिन का खेल खत्म होने तक 46 रन की बढ़त गंवा बैठी, जिसके बाद दूसरे दिन 16 और विकेट गिरे, और इंग्लैंड ने दिन के तीसरे सेशन में चार विकेट से जीत हासिल की। जोश टोंग को मैच में सात विकेट लेने (5/45 और 2/44) के लिए प्लेयर ऑफ़ द मैच का अवॉर्ड मिला।
केवल तीन मौकों पर ही खिलाड़ी 40 रन का आंकड़ा पार कर पाए। पहला टेस्ट मैच भी कुछ इसी तरह खेला गया, लेकिन परिणाम बिल्कुल उलट रहा, क्योंकि ऑस्ट्रेलिया ने पर्थ में खेले गए इसी तरह के कम स्कोर वाले मुकाबले में आठ विकेट से जीत हासिल की थी। सीरीज का पांचवां और अंतिम मैच 4 जनवरी से सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में खेला जाना है। मेजबान टीम सीरीज में 3-1 से आगे है।
