2008 में शुरू हुई इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) ने कई बड़े और यादगार खिलाड़ी दिए हैं। आईपीएल की नीलामी प्रणाली बदलती रही है। टीमों को हर साल मेगा ऑक्शन के कारण स्क्वॉड बदलना पड़ता है, जिससे महान खिलाड़ियों को अपनी पुरानी टीम छोड़नी पड़ती है।
कई खिलाड़ी अलग-अलग फ्रेंचाइज़ी टीमों में खेलते नजर आए, लेकिन कुछ खिलाड़ी ने अपनी टीम के साथ इतना गहरा बंधन बनाया कि दूसरी टीम में खेलने की बजाय संन्यास लेना ही बेहतर समझा। इन खिलाड़ियों के लिए पैसा या लंबा करियर नहीं, बल्कि पहचान, वफादारी और विरासत ज्यादा मायने रखती थी।
1. कीरोन पोलार्ड (मुंबई इंडियंस)
IPL इतिहास में सबसे सफल विदेशी खिलाड़ी वेस्टइंडीज के महान ऑलराउंडर कीरोन पोलार्ड हैं। उन्होंने 2010 में मुंबई इंडियंस से जुड़ने के बाद कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। पोलार्ड ने 189 आईपीएल मैचों में 3,400 से अधिक रन बनाए और कई बार टीम को अकेले जीत दिलाई।
उन्होंने गेंदबाजी में भी 69 विकेट लिए। उनका महत्वपूर्ण योगदान मुंबई इंडियंस की कई खिताबी जीतों में था। 2022 के बाद, पोलार्ड ने किसी और टीम के लिए खेलने की बजाय संन्यास लिया और अब वे MI के सपोर्ट स्टाफ का हिस्सा हैं।
2. आंद्रे रसेल (कोलकाता नाइट राइडर्स)
आंद्रे रसेल IPL के सबसे विस्फोटक खिलाड़ियों में गिने जाते हैं। 2012 में उन्होंने दिल्ली से शुरुआत की, लेकिन 2014 में KKR से जुड़ने के बाद उन्हें पहचान मिली। रसेल ने 2,400 से अधिक रन बनाए और 170 से अधिक की स्ट्राइक रेट से 100 से अधिक विकेट झटके। KKR के लिए 100 से अधिक मैच खेलने के बाद, उन्होंने संन्यास लेने का फैसला किया और वह लीग के आगामी सीजन में ‘पावर कोच’ की भूमिका में नजर आने वाले हैं।
3. सुरेश रैना (चेन्नई सुपर किंग्स)
मिस्टर आईपीएल कहे जाने वाले सुरेश रैना CSK की पहचान थे। 205 मैचों में उन्होंने 5,528 रन बनाए और लगातार 12 सीजनों में 350 से अधिक रन बनाने का रिकॉर्ड बनाया। 2022 ऑक्शन में अनसोल्ड रहने के बाद रैना ने संन्यास ले लिया। आज वे कमेंट्री और विश्लेषण के माध्यम से क्रिकेट से जुड़े हुए हैं। वह IPL इतिहास में हमेशा याद किए जाएंगे। वह आईपीएल में पांच हजार रन बनाने वाले पहले खिलाड़ी थे, इसलिए उन्हें मिस्टर आईपीएल भी कहा जाता है।
